Thursday, June 6, 2013

मेरा ख्याल



बारिशो के 
मौसम में 
मन जब 
चाहे किसी के 
साथ दूर तक 
टहल आने को 
मेरा ख्याल तो 
नहीं आता न 
तुम को 
किसी अंजान
शहर में 
घूमते  हुए 
नजरें जब 
किसी अजनबी 
चेहरे में 
तलाशने लगे 
किसी खास 
शख्स को 
मेरा ख्याल तो 
नहीं आता न 
तुम को 
या फिर 
निपट अकेलेपन में 
चाह हो 
किसी कंधे की 
किसी स्पर्श की 
दिल खोल के रखने को 
जी चाहे जब 
मैं जानती हूँ 
फिर भी 
जाने क्यूँ 
होता है ये यकीं 
तुम्हारे ख्यालो में 
मैं भी कहीं तो 
महकती होंगी न..........

6 comments:

  1. bahut badiya divya ... blog ki tarah apki rachna b sunder hai ...
    aise hi likhti rahiye mehkati rahiye

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  2. बहुत ही सुन्दर और भाव पूर्ण रचना

    Can you remove comments word verification...

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  3. वाह आपकी रचना ने तो बेमौसम बरसात का मजा दे दिया बहुत ही सुन्दर सटीक भावपूर्ण प्रस्तुति हार्दिक बधाई स्वीकारें दिव्या जी.

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  4. बहुत सुन्दर रचना

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  5. बहुत ही सुन्दर भाव

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  6. बहुत बढ़िया लिखा है आपने,
    आप हमारे फोरम पर भी अपने लेख पोस्ट करने के लिए आमंत्रित है, आपका इंतज़ार रहेगा !
    आशा करता हूँ कि जल्दी ही आपसे फोरम पर मुलाकात होगी ! :)
    Ladies Mantra Forum

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